शिक्षकों का कोना


 कक्षा-शिक्षण और तकनीकी

    अभी भी बचे हैं
    कुछ आख़िरी बेचैन शब्द
    जिनसे शुरू की जा सकती है एक कविता
    जहाँ से संभव हो सकता है जीवन
    बची हुई है कुछ उष्ण साँसें -- (कवि मदन कश्यप)
             प्रिय शिक्षकगण! जब कभी हिंदी कक्षा शिक्षण की बात आती है तब कवि मदन कश्यप की यह कविता अनायास याद आती है। इस ब्लॉग के निर्माण की प्रेरणा इसी कविता से मिली। 
            ब्लॉग के इस अंश में हमारा प्रमुख ध्यान हिंदी कक्षा-शिक्षण और तकनीकी पर रहेगा। स्थान-स्थान पर कार्यशाला का आयोजन करते हुए हमारी टीम ने पाया है कि हिंदी कक्षा-शिक्षण में शिक्षकों के सामने तकनीकी एक बड़ी चुनौती के रूप में उपस्थित है, जिसे अब टाला नहीं जा सकता। विद्यार्थी नित्‌ नए तकनीकी हथियारों के साथ लैस होकर कक्षा में उपस्थित हो रहे हैं और उनकी यह माँग होती है कि हम शिक्षक भी अपने शिक्षण के हथियारों में कुछ तकनीकी औज़ारों को शामिल कर लें। कहना न होगा कि युग की इस माँग को हमारे कई शिक्षक बंधुओं ने पहचानकर अपने कक्षा-शिक्षण को तकनीकी से जोड़ा है।
             इसी क्रम में मेरा यह प्रयास एक मदद की कोशिश भर है। यहाँ हम कक्षा - शिक्षण के लिए उपयोगी कुछ औज़ारों पर चर्चा करेंगे और उनके प्रयोगों भी बिस्तार से सीखेंगे। इस क्षेत्र में गूगल और अन्य बड़ी कम्पनियों ने कई औज़ारों का निर्माण किया है, जिनमें से मैं यहाँ २५० औज़ारों की चर्चा करुँगा। 
  
१) बोलकर हिंदी टाईप करना
  

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें